मेरे भोलेनाथ | Har Har Mahadev

 


सृष्टि के हैं वो पालन हार
हर जीव जन्तु हो या हो इंसान।।

हर किसी के जीवन का हैं वो आधार
उनके बिना यहां कुछ भी घटता नहीं।।

चाहे ये धरती हो या हो आसमान
घर हो या फिर हो श्मशान।।

हर कण-कण में हैं उन्हीं का वास
अलग अलग नामों से हैं उन्हें बुलाते।।

कोई महादेव तो कोई कहता महाकाल
भोलेनाथ व शिव शम्भू नाम से भी जाने जाते ।।

भक्त बन जो भी उनके शरण में जाते
हर हर महादेव का जयकारा लगाते।।

बेलपत्र व एक लोटा जल चढ़ाते
ऐसे अपने भक्तों पर वे कृपा बरसाते।।

काल भी उनके भक्तों के पास जाने से घबराते
क्योंकि वे स्वंय महाकाल कहलाते।।

ऐसे परम कृपालु देवों के देव महादेव
उनके चरणों में हम अपना शीश नवाते।।

बोलो हर हर महादेव!

मेरी कलम से ---------------- जितेन्द्र बुधानी


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